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Jain Dharm Ki Prasangikta Vartman Samay Main

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Jain Dharm Ki Prasangikta Vartman Samay Main

2 months, 4 weeks ago
जैन धर्म की प्रासंगिकता वर्तमान समय में
जैन धर्म वर्तमान समय में जितना प्रासंगिक है उतना शायद पहले भी था। जैन धर्म का मूल मन्त्र'जिओ और जीने दो'है। आज के इस हिंसक,भोग विलास और इन कारणों से प्रदूषित युग में जैन धर्म सम्पूर्ण विश्व को अहिंसक जीवन शैली, भोगों के कारण होने वाले नुकसान और पर्यावरण की रक्षा करना सिखाता है। इस दुनिया के विवादों का हल स्याद्वाद में ही है।
दुनिया के सामने इस समय करोना के आलावा एक और बड़ी चुनौती ने मुँह खोल दिया है। किसी ने सोचा भी नहीं था कि अचानक विश्व युद्ध का खतरा हो जाएगा। देखते ही देखते रूस ने युक्रेन पर हमला कर दिया और विश्व ने तीसरे विश्व युद्ध की तरफ कदम बढ़ा दिए। अणुबम्ब के डर का निवारण जैन धर्म के अणुव्रतों से हो सकता है।
दूसरे धर्म अपने अनुयायी या सम्पूर्ण मानजाति के कल्याण की बात करते हैं जबकि जैन धर्म समस्त जीव दृष्टि के कल्याण की रक्षा की बात करता है। स संसार मे सुख और दुःख को समान रूप से देखते और भोगते हुए इनसे मुक्त होने का एवं मोक्ष पाने का प्रयत्न करते रहो यही जैन धर्म कहता है।
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